""गलतियों की तल्खियां.... तल्खियों पे चुस्कियां""
तो बस इतना हीकरें न दर्द के सौदे,न दिलों को तोड़ेंदमके यादों में सदा,नक्श कुछ ऐसा छोड़ेंबहुत खूबसूरत भाव .....आपने २३ तारीख का साप्ताहिक काव्य मंच नहीं देखा ...
सुंदर भावनात्मक अभिव्यक्ति ...शुक्रिया चलते -चलते पर आपका स्वागत है
सुंदर सन्देश देती अभिव्यक्ति.
बेहतरीन लिखा... बेहद खूबसूरत!
सही कहा आपने!ज़ख्मों पर मरहम लगा कर उन्हें ठीक तो लिया जा सकता है पर उनके निशाँ मिटाए नहीं जा सकते बल्कि हलकी सी छुअन भी सिहरन पैदा कर देती है..बेहतर है कि ऐसी नौबत ही न आने दी जाये..शुक्रिया ऐसे ख़यालात के लिए...
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तो बस इतना ही
जवाब देंहटाएंकरें न दर्द के सौदे,
न दिलों को तोड़ें
दमके यादों में सदा,
नक्श कुछ ऐसा छोड़ें
बहुत खूबसूरत भाव .....आपने २३ तारीख का साप्ताहिक काव्य मंच नहीं देखा ...
सुंदर भावनात्मक अभिव्यक्ति ...शुक्रिया
जवाब देंहटाएंचलते -चलते पर आपका स्वागत है
सुंदर सन्देश देती अभिव्यक्ति.
जवाब देंहटाएंबेहतरीन लिखा... बेहद खूबसूरत!
जवाब देंहटाएंसही कहा आपने!ज़ख्मों पर मरहम लगा कर उन्हें ठीक तो लिया जा सकता है पर उनके निशाँ मिटाए नहीं जा सकते बल्कि हलकी सी छुअन भी सिहरन पैदा कर देती है..बेहतर है कि ऐसी नौबत ही न आने दी जाये..शुक्रिया ऐसे ख़यालात के लिए...
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