"बे - तकल्लुफ़"
""गलतियों की तल्खियां.... तल्खियों पे चुस्कियां""
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'अन्दर का शैतान कह रहा'
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'अन्दर का शैतान कह रहा'
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06 जून 2010
'अन्दर का शैतान कह रहा'
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कैसे मुमकिन है कि हम तुम साथ में जिंदा रहें, साथ खेले मुस्कुराएं, हम कदम हम दम रहें, जिंदा रहना है मुझे जो, ...
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