"बे - तकल्लुफ़"
""गलतियों की तल्खियां.... तल्खियों पे चुस्कियां""
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'धरा तुम भी ख़ूब हो'
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04 मई 2010
'धरा तुम भी ख़ूब हो'
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अपनी धुरी पे घूमती, प्रचंड अग्नि चूमती, अनादि काल से अनंत अंतरिक्ष तोलती, कर्तव्य से जुड़ी सदा, युगों-युगों से डोलती, सृष्टि के नए-नए...
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