"बे - तकल्लुफ़"
""गलतियों की तल्खियां.... तल्खियों पे चुस्कियां""
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16 जून 2012
'कब से'
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हाथ मेरा तेरी जानिब बढ़ा है कब से, हो के नग़मा तू धड़कन में जड़ा है कब से राख़ यादों की क्यों तूने ...
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